अपराजिता -10

उसी समय उधर से वेटर स्नैक्स की प्लेट लेकर गुजरा और अथर्व ने दो प्लेट उठा ली।
   रेशम को राहत मिली कि उसके लिए भी अथर्व ने अलग प्लेट ली है। यह नहीं कि सबके बीच अपनी प्लेट से अपने हाथ से खिलाने लगा, लेकिन उसे अचंभित करते हुए अथर्व ने वह दूसरी प्लेट उसके बगल में बैठी पूर्वा की तरफ बढ़ा दी और अपनी प्लेट रेशम के हाथ में थमा दी..

” आज तुम्हारे हाथ से खाऊंगा..!”

“क्यूँ.. ?” रेशम के शब्द जैसे गले में फंसने लगे। उसने इधर उधर देखा मानव कहीं व्यस्त था। उसकी मां भी ताई जी के साथ बातों में लगी थी। पिताजी तो कहीं नजर ही नहीं आ रहे थे। उसने फटाफट पनीर का एक टुकड़ा उठाया और अथर्व के मुंह में डाल दिया..।
अथर्व मुस्कुरा कर रह गया..

” ऐसे थोड़ी ना खिलाना था..!”

अथर्व की आवाज एक बार फिर उसी मदहोशी में डूबने लगी..

“फिर… ?”

डर के मारे रेशम की आवाज नहीं निकली “फिर”का र  उसके गले के अंदर ही कहीं घुट कर रह गया..

” पनीर का टुकड़ा अपने मुंह में लो, आधा टुकड़ा अंदर आधा बाहर.. जो बाहर रहेगा उसे मैं खा लूंगा..!”

बस इसी जहालत की उम्मीद थी..
ये आदमी कौन सा नशा करता है ? ये भी नहीं सोचता की कब कहाँ क्या बोलना है..?
हे भगवान इस आदमी को बुद्धि दो..
बार बार ऐसे अपनी पत्नी को कौन शर्मिंदा करता है ?
रेशम का चेहरा शर्म से लाल हो गया…।

वो नीचे देखने लगी और अथर्व ने फोर्क उसके हाथ से लेकर उसके मुहँ के सामने पनीर का टुकड़ा रख दिया..
रेशम ने तुरंत लपक कर पूरा टुकड़ा मुँह में लिया और जल्दी से निगल गयी..
इस डर में कि कहीं ये बेशरम उसके मुंह के पास आकर अपना मुहँ ना खोल दे… .

रेशम की हरकत देखकर अथर्व को हंसी आ रही थी! रेशम खुद जाने अपना दिमाग कहां छोड़ आई थी? इतनी भीड़ भाड़ में अथर्व जैसा पढ़ा लिखा डॉक्टर कभी ऐसी बेहूदगी नहीं कर सकता, यह रेशम का दिमाग जानता था! बावजूद अथर्व के सामने उसका दिमाग काम करने से इस्तीफा दे बैठता था..! अथर्व की चुहलबाजी रेशम के बगल में बैठी पूर्वा को बहुत गुदगुदा रही थी।


वह उसके हर एक सड़े जोक पर जोर जोर से हंस रही थी। अथर्व वहां बैठा हर एक डांस पर और डांस करने वाले पर कमेंट करता जा रहा था। हंसी तो रेशम को भी बहुत आ रही थी, लेकिन वह अपने आपको साधे बैठी थी ।
  अचानक अथर्व ने रेशम की हथेली पर हाथ रख दिया। रेशम चौंक कर उसे देखने लगी, अथर्व ने उसके हाथ को अपने हाथ में जरा जोर से पकड़ लिया..

4 3 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

5 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Maya
Maya
2 years ago

Nice story

Shruti jindal
Shruti jindal
2 years ago
Reply to  Maya

nice story

Duhanmukesh
2 years ago

Nice ji

Rameshwar Dhiwar
Rameshwar Dhiwar
2 years ago

madam aap pratilip ko chhot kar aapne site pe likhna chalu kar diya nice

Aparna Mishra
2 years ago

जी ब्लॉग पर काम शुरू जार दिया हैं.. कोशिश हैं सोमवार से कहानियों के भाग ब्लॉग पर देने शुरू कर दूँ..